हो सके तो भूल जाना...खुशदीप
जी हां...अब आपका साथ छोड़ कर जाने का वक्त आ गया है...इस साथ में खट्टे मीठे कई तरह के लम्हे आए...कभी-कभार मौका मिले तो ब…
गुरुवार, दिसंबर 10, 2009जी हां...अब आपका साथ छोड़ कर जाने का वक्त आ गया है...इस साथ में खट्टे मीठे कई तरह के लम्हे आए...कभी-कभार मौका मिले तो ब…
Khushdeep Sehgal
गुरुवार, दिसंबर 10, 2009
संसद और मौन...आप कहेंगे या तो मैं हिल गया हूं या संसद की छुट्टी होगी...न तो मैं हिला हूं और न ही संसद की छुट्टी थी...17…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, दिसंबर 09, 2009
आज की मेरी पोस्ट निर्मला कपिला जी को समर्पित है...साथ ही ये पोस्ट भारत से दूर परदेस में आशियाना बना चुके सभी भारतवंशिय…
Khushdeep Sehgal
मंगलवार, दिसंबर 08, 2009
इंसान महंगाई से त्राहि माम-त्राहि माम कर रहा है...लेकिन भगवान की कमाई लगातार बढ़ती जा रही है...सुख-संपत्ति के धाम लगाता…
Khushdeep Sehgal
सोमवार, दिसंबर 07, 2009
आज ये मेरी सौवीं पोस्ट है...आज ही छह दिसंबर है...अजब इत्तेफ़ाक़ है...पोस्ट की सेंचुरी है तो कुछ बढ़िया कॉकटेल तो बनत…
Khushdeep Sehgal
रविवार, दिसंबर 06, 2009
हम तो चले परदेस, हम परदेसी हो गए, छूटा अपना देस हम परदेसी हो गए...आखिर वो कौन सी मजबूरी है जो इंसान को अपनी माटी छोड़कर…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, दिसंबर 05, 2009
आते है लोग, जाते है लोग, पानी में जैसे रेले, जाने के बाद, आते हैं याद, गुज़रे हुए वो मेले... यादें मिटा रही है. यादें…
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, दिसंबर 04, 2009
चूहे को बड़ा निरीह प्राणी माना जाता है...आप क्या समझते हैं महंगाई की मार हम सिर्फ इंसानों को झेलनी पड़ रही है...चूहे भी…
Khushdeep Sehgal
गुरुवार, दिसंबर 03, 2009
अलविदा, अलविदा...कितने जानलेवा हैं ये शब्द अलविदा....आप के सफ़र में कोई साथी बन गया हो...रोज़ आपका उससे वास्ता हो...और …
Khushdeep Sehgal
बुधवार, दिसंबर 02, 2009
इंदिरा गांधी... उन्हें चाहने वाले दुर्गा से उनकी तुलना करते हुए शक्ति की प्रतीक मानते रहे हैं...इंदिरा से नफ़रत करने व…
Khushdeep Sehgal
मंगलवार, दिसंबर 01, 2009