power of words
Read more »
नववर्ष, शब्द-शक्ति, ब्लॉगर, रजनीकांत...खुशदीप
ये पोस्ट बरेली के एक साइबर कैफे से लिख रहा हूं...एक दिन के लिए ससुराल आया हूं...बरेली आने का अब मेरे लिए एक अतिरिक्त आक…
रविवार, जनवरी 02, 2011ये पोस्ट बरेली के एक साइबर कैफे से लिख रहा हूं...एक दिन के लिए ससुराल आया हूं...बरेली आने का अब मेरे लिए एक अतिरिक्त आक…
जुड़वा बच्चों में बड़ा कौन... इस सवाल पर पंडित राधेश्याम शर्मा का मत बताने से पहले कुछ और अहम बात...मेरी कल की पोस्ट …
मायावती के बुत प्रेम पर लिखी पोस्ट पर भाई प्रवीण शाह , पी सी गोदियाल जी और मेरे अज़ीज़ धीरू भाई ने कुछ सवाल उठाए थे…
ओ, तुमसे दूर रह कर हमने जाना, प्यार क्या है दिल ने माना, यार क्या है... तुमको पाके न पहलू में लगता था यूं जीते हैं …