मूविंग गार्डन वाले इन वाहनों में 45 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में भी अंदर रहती है ठंडक, रूफ टॉप ग्रास और गमलों में पौधों से आबोहवा साफ़ रखने में मिलती है मदद, गार्डन मेंटेन करने पर होता है अतिरिक्त खर्च लेकिन पर्यावरण से जुड़े संदेश को मानते हैं अहम
नई दिल्ली (3 मई)।
देश के कई हिस्सों में
गर्मी की भारी मार पड़ रही है. ऐसे में सड़कों पर बिना ऐसी वाले वाहन चलाना और
उसमें किसी का सवारी करना किसी यातना से कम नहीं. ऐसे में देशनामा आपको बताने जा
रहा है कि कैसे कुछ ड्राइवर्स ने गर्मी मात देने के लिए ऐसा तरीका अपनाया है,
जिसकी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ की जा रही है. इन्होंने कार, ई रिक्शा और ऑटो की
छत को ही हरा भरा बना दिया है. ये इको फ्रेंडली इनोवेशन जहां गर्मी से राहत देने
वाला है वहीं ऑबोहवा को भी साफ रखने में भी मदद मिलेगी.
दिल्ली के ऑटो ड्राइवर महेंद्र |
इसी कड़ी में पहले आपको मिलाते हैं राजधानी नई दिल्ली की सड़कों पर ऑटो चलाने वाले महेंद्र कुमार से. महेंद्र अपने ऑटो के रूफ टॉप गार्डन को हर किसी को शान से दिखाते हैं. महेंद्र का दावा है कि ये तरीका 45 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी में भी ऑटो को अंदर से कूल कूल रखता है. वैसे महेंद्र ने फूल पौधों वाले इस मूविंग गार्डन को जो कोई भी देखता है, तारीफ किए बिना नहीं रहता.
48 साल के महेंद्र ने ऑटो में दो मिनी कूलर्स और पंखे भी लगाए हुए हैं. महेंद्र का ऑटो सीएनजी से चलता है.
अभी हाल में असम से भी ऐसे ही रूफटॉप गार्डन वाले ई-रिक्शा की तस्वीर सामने आई थी. इस तस्वीर को नॉर्वे के राजनयिक एरिक सोल्हीम ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया था. इस रिक्शा की छत पर हरी-भरी घास के साथ साइड से लटके गमले किसी का भी मन मोह सकते हैं.
This Indian 🇮🇳 man grew grass on his rickshaw to stay cool even in the heat. Pretty cool indeed! pic.twitter.com/YnjLdh2rX2
— Erik Solheim (@ErikSolheim) April 4, 2022
दिल्ली और असम के बाद आपको कोलकाता लिए चलते हैं. यहां पहले आप मिलिए 53 साल के बिजय पॉल से. पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से दुखी बिजय ने सोचा कि वो खुद कैसे लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक बना सकते हैं. न उन्होंने अपने ऑटो की छत को गार्डन से लैस किया बल्कि फूलों वाले पौधे भी लगाए. बिजय पिछले तीन दशक से कोलकाता की सड़कों पर ऑटो चला रहे हैं. जो कोई सवारी भी बिजय के ऑटो पर बैठती है, वो इसके साथ सेल्फी लेना नहीं भूलती. सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के जबरा फैन बिजय ये भी कहते हैं कि उन्हें ऑटो के गार्डन को मेनटेन करने के लिए जेब से काफ़ी पैसा खर्च करना पड़ता है लेकिन इसे वो पर्यावरण बचाने की मुहिम में अपना छोटा सा हिस्सा मानते हैं.
कोलकाता के ग्रीन ऑटो ड्राइवर बिजय पॉल |
कोलकाता के ही धनंजय चक्रवर्ती ने अपनी अम्बेसडर टैक्सी कि छत को ऐसा हरा भरा बना रखा है कि देखने वालों का दिल गार्डन गार्डन हो जाता है.
कोलकाता के कैब ड्राइवर धनंजय चक्रवर्ती |
धनंजय ने गाड़ी के अंदर भी पौधों वाले गमले रखे हुए हैं.
धनंजय ने कार के अंदर भी गमले रखे हुए हैं |
43 साल के धनंजय अपनी गाड़ी को सुबुज रथ बुलाते हैं. हालांकि ये कार नॉन एसी है लेकिन इसमें ठंडक बनी रहती है. इसके लिए धनंजय ने कार की छत पर मेटल कंटेनर में मिट्टी, सफ़ेद रेत और स्टोन चिप्स का सहारा लेकर असल घास उगाई. इस रूफ टॉप गार्डन का वजन 65 किलोग्राम है और इसके लिए धनंजय को 22,000 रुपए खर्च करने पड़े. अतिरिक्त वजन की वजह से धनंजय की कार में ईंधन की खपत भी बढ़ गई. धनंजय का पर्यावरण के लिए लोगों को संदेश है कि पौधे लगाने से ज्यादा अहम उनकी अच्छी देखभाल करना है.