'क्रांति की ज़मीन' पर युवा साथियों से मेरी पहली बात...खुशदीप
मेरठ कार्यक्रम में स्पीच के दौरान मैं जग घूमेया थारे जैसा ना कोई... 24 जुलाई 2021, शनिवार को मैंने मेरठ के कार्यक्रम …
रविवार, जुलाई 25, 2021मेरठ कार्यक्रम में स्पीच के दौरान मैं जग घूमेया थारे जैसा ना कोई... 24 जुलाई 2021, शनिवार को मैंने मेरठ के कार्यक्रम …
Khushdeep Sehgal
रविवार, जुलाई 25, 2021
पिछली पोस्ट से आगे... समीर जी की उपन्यासिका देख लूँ, तो चलूँ पर कुछ लिखूं, इससे पहले ही बता दूं कि इस किताब में ए…
Khushdeep Sehgal
रविवार, जनवरी 30, 2011
टाइटल पढ़कर चकराइए मत...सब बताता हूं...ज़रा सब्र तो रखिए...प्रवासी परिंदें इसी मौसम में सबसे ज़्यादा भारत का रुख करते ह…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, नवंबर 27, 2010
गोल्ड एफएम पर आज हीर रांझा का एक गीत सुना... कैफ़ी आज़मी के बोल... मदन मोहन का संगीत... रफ़ी साहब की आवाज़ ...आप सब …
Khushdeep Sehgal
शनिवार, जून 05, 2010
कल बात की थी इंटरनेशनल दिल्ली ब्लॉगर्स मीट तक पहुंचने की...बैठक की बेटवींस द लाइंस की...हां इस मीट में पुराने अजीज तो …
Khushdeep Sehgal
बुधवार, मई 26, 2010
आप कह रहे होंगे ये IBM तो सुनी है, ये मैं कौन सी नई कंपनी ले आया...IDBM... तो ये है जनाब- इंटरनेशनल दिल्ली ब्लॉगर्स मी…
Khushdeep Sehgal
मंगलवार, मई 25, 2010
ये उन दिनों की बात है जब हम मेरठ के गवर्मेंट इंटर कॉलेज के होनहार (?) छात्र हुआ करते थे...पढ़ा क्या करते थे, एक जैसी स…
Khushdeep Sehgal
रविवार, अप्रैल 25, 2010
सबसे पहले तो मैं आभारी हूं आप सब का... जी के अवधिया, एम वर्मा, विवेक रस्तोगी, ललित शर्मा, संगीता स्वरूप, सुरेश चिपलून…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, अप्रैल 21, 2010
दो-तीन दिन पहले सतीश सक्सेना भाई ने देश की गंगा जमुनी तहज़ीब का हवाला देते हुए पोस्ट लिखी थी...साथ ही कौमी सौहार्द की…
Khushdeep Sehgal
रविवार, अप्रैल 11, 2010
एक बुज़ुर्ग ट्रेन पर अपने 25 साल के बेटे के साथ यात्रा कर रहे थे... ट्रेन स्टेशन को छोड़ने के लिए तैयार थी... सभ…
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, अप्रैल 09, 2010
दो बुज़ुर्ग, एक विधुर और एक विधवा, एक दूसरे को बरसों से अच्छी तरह जानते थे...लेकिन दोनों शहर के अलग अलग ओल्ड एज होम में…
Khushdeep Sehgal
सोमवार, अप्रैल 05, 2010
मक्खन की लॉटरी निकली...ईनाम था मुफ्त विदेश यात्रा...लेकिन देश सिर्फ दो ही थे...बांग्लादेश या अफ्रीका का कोई भुखमरी वाला…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, अप्रैल 03, 2010
एक छोटा बच्चा मां से पूछता है... मां, तुम रो क्यों रही हो... मां... क्योंकि मैं एक औरत हूं... बच्चा... मुझे समझ…
Khushdeep Sehgal
सोमवार, मार्च 29, 2010
बड़े दिन से हंसी ठठे वाली पोस्ट लिख रहा था...आज कुछ सीरियस लिखने का मूड है...पहले मैं इस विषय को ब्लॉग पर लिखने को लेकर…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, मार्च 27, 2010
आज आपको एक सच्चा किस्सा सुनाने जा रहा हूं...ये मेरे एक नज़दीकी रिश्तेदार के घर की बात है...इसे पढ़ने के बाद आपको लगेगा …
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, मार्च 26, 2010
एक भालू सिगरेट का सुट्टा लगाने की तैयारी कर रहा था कि एक चूहा उसके पास आया...चूहे ने कहा... इतने शक्तिशाली, इतने हैंडसम…
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, मार्च 26, 2010