ब्लॉगिंग का रजनीकांत...खुशदीप
ऐसा ब्लॉगर कौन हो सकता है...छह महीने-साल में एक पोस्ट लिखे...और पूरा साल चर्चा का विषय बना रहे...यहां तो हमेशा डर लगा र…
मंगलवार, जनवरी 11, 2011ऐसा ब्लॉगर कौन हो सकता है...छह महीने-साल में एक पोस्ट लिखे...और पूरा साल चर्चा का विषय बना रहे...यहां तो हमेशा डर लगा र…
ये पोस्ट बरेली के एक साइबर कैफे से लिख रहा हूं...एक दिन के लिए ससुराल आया हूं...बरेली आने का अब मेरे लिए एक अतिरिक्त आक…
पति ने पत्नी से कहा- देखो एक महान लेखक ने क्या शानदार लिखा है- पति को भी घर के मामले में बोलने का हक़ होना चाहिए... …
कल माहौल हल्का करने के लिए महफूज़ पर पोस्ट लिखी...सब ने उसे अपने-अपने नज़रिए से लिया...किसी ने फिज़ूल पोस्ट माना...किस…
कभी सुख, कभी दुख, यही ज़िंदगी है, ये पतझड़ का मौसम, घड़ी दो घड़ी है, नए फूल कल फिर, डगर में खिलेंगे, उदासी भरे ये…
ठन-ठन गोपाल बेशक हूं लेकिन कल मैं भी लखपति हो गया...कल की मेरी पोस्ट पर पाठक संख्या का आंकड़ा एक लाख पार कर गया...सवा स…
एक दिन मैंने आपको शेर सिंह ( ललित शर्मा ) जी के डैन में घुसकर वहां का आंखों देखा हाल सुनाया था...अपने इन शेर सिंह जी की…