खुशदीप
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मौन...खुशदीप
क्या आप आंख से टपके इस कतरे की ज़ुबान समझते हैं... आप के प्यार ने मुझे हमेशा के लिए खरीद लिया है...
शनिवार, फ़रवरी 13, 2010क्या आप आंख से टपके इस कतरे की ज़ुबान समझते हैं... आप के प्यार ने मुझे हमेशा के लिए खरीद लिया है...
आप भी कहेंगे, ये बैठे बिठाए मुझे क्या सूझा...ये भारत-भारत रटते मैं विदेश का मुरीद कैसे हो गया...भई, अब क्या करूं... गु…
बधाइयां जी बधाइयां...समूचे ब्लॉगवुड के लिए खुशियां मनाने का मौका जो आया है...आरतियां उतारो...मंगलगीत गाओ...आज हमारे बीच…
नैरोलेक पेंट का एड शायद आपने भी देखा होगा... हर घर कुछ कहता है ...ज़िंदगी का हिस्सा बन चले ब्लॉगवुड की बात करूं तो यहा…