मेरी डबल सेंचुरी और भगवान लापता...खुशदीप
ब्लॉगिंग में जितने प्यार की मैं उम्मीद के साथ आया था, उससे दुगना क्या, कहीं ज़्यादा गुना मुझे मिला...देखते ही देखते ये …
शनिवार, मार्च 20, 2010ब्लॉगिंग में जितने प्यार की मैं उम्मीद के साथ आया था, उससे दुगना क्या, कहीं ज़्यादा गुना मुझे मिला...देखते ही देखते ये …
Khushdeep Sehgal
शनिवार, मार्च 20, 2010
मातृभूमि की सेवा करने वाले सैनिक क्या अलग मिट्टी के बने होते हैं...क्या वो आपके-हमारी तरह इंसान नहीं होते...सरहद पर दुश…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, मार्च 20, 2010
भारत भलमनसाहत दिखाते हुए जब भी पाकिस्तान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, पाकिस्तान किसी न किसी बहाने कश्मीर को बीच मे…
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, मार्च 19, 2010
समुद्र किनारे मछुआरों के सुंदर से गांव में एक नौका खड़ी है... एक सैलानी वहां पहुंचता है और मछुआरों की मछली की क्वालिट…
Khushdeep Sehgal
गुरुवार, मार्च 18, 2010
एक अमेरिकी और एक भारतीय बार में बैठे ड्रिंक पर ड्रिंक चढ़ा रहे थे... भारतीय अपना ग़म गलत करने के लिए अमेरिकी से बोला.…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, मार्च 17, 2010
ज़िंदगी है क्या... आप भी बताइए, आपकी नज़र में ज़िंदगी है क्या... स्लॉग गीत ज़िंदगी है क्या, बोलो ज़िंद…
Khushdeep Sehgal
मंगलवार, मार्च 16, 2010
बर्थ-सर्टिफिकेट सबूत है हमारे जन्म का... डेथ-सर्टिफिकेट सबूत है हमारी मौत का... फोटो सबूत हैं हमारे ज़िंदा रहने क…
Khushdeep Sehgal
रविवार, मार्च 14, 2010
मक्खन बेचारा पूरी ज़िंदगी एक सवाल का जवाब सोचते-सोचते मर गया लेकिन उसकी मुश्किल दूर नहीं हुई...इससे पहले कि आप स्लॉग ओ…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, मार्च 13, 2010
ये नज़्म है, ग़ज़ल है...क्या है मैं नहीं जानता...किसने लिखी है, उसे भी मैं नहीं जानता...ई-मेल पर भेजने वाले ने शायर का …
Khushdeep Sehgal
शनिवार, मार्च 13, 2010
वाकई माहौल बड़ा गरम है...कुछ भी कहना ख़तरे से खाली नहीं है...कौन बुरा मान जाए...कौन लाठी बल्लम निकाल ले...कुछ पता नहीं …
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, मार्च 12, 2010