दुनिया पर छा जाना है, इसे पढ़िए...खुशदीप
एक जर्मन नागरिक ऐसे मंदिर में गया जहां निर्माण कार्य अभी चल रहा था...वहां उसने देखा कि एक मूर्तिकार बड़ी तन्मयता से भगव…
बुधवार, फ़रवरी 17, 2010एक जर्मन नागरिक ऐसे मंदिर में गया जहां निर्माण कार्य अभी चल रहा था...वहां उसने देखा कि एक मूर्तिकार बड़ी तन्मयता से भगव…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, फ़रवरी 17, 2010
आप कहेंगे कि ये तो सुना था कि यही है राइट च्वायस बेबी...लेकिन ये क्या...यही है NICE च्वायस बाबा... क्यों सिर्फ पेप्सी क…
Khushdeep Sehgal
मंगलवार, फ़रवरी 16, 2010
शीर्षक पढ़ कर चौंकिए मत...ये भी मत कहिएगा मुझे हवा लग गई है या लटके-झटके आ गए हैं...मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि ये वा…
Khushdeep Sehgal
रविवार, फ़रवरी 14, 2010
समारोह में किसी का सम्मान हो गया है, क्या आदमी वाकई इनसान हो गया है... सिर पर पत्थर उठाता है बबुआ, क्या बचप…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, फ़रवरी 13, 2010
क्या आप आंख से टपके इस कतरे की ज़ुबान समझते हैं... आप के प्यार ने मुझे हमेशा के लिए खरीद लिया है...
Khushdeep Sehgal
शनिवार, फ़रवरी 13, 2010
काम से आकर बैठा हूं...लैपटॉप खोला...आदत के मुताबिक सबसे पहले अपनी पोस्ट पर टिप्पणियों पर नज़र डाली...एक टिप्पणी भाई ज़ाक…
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, फ़रवरी 12, 2010
चलिए सरकार की दुकान... क्या खरीदना है... पेट के लिए रोटी, हाथ के लिए रोज़गार, सिर के लिए छत... सरकार की दुकान से …
Khushdeep Sehgal
गुरुवार, फ़रवरी 11, 2010
एक दिन मैंने आपको शेर सिंह ( ललित शर्मा ) जी के डैन में घुसकर वहां का आंखों देखा हाल सुनाया था...अपने इन शेर सिंह जी की…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, फ़रवरी 10, 2010
आदमी सोचता क्या है...लेकिन होता वही है जो मंज़ूर-ए-खुदा होता है...मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ...कल दिल्ली में ब्लॉगर-ए-बहारा…
Khushdeep Sehgal
सोमवार, फ़रवरी 08, 2010
ये कहानी इंटरनेट से ही अंग्रेज़ी में मुझे किसी ने ई-मेल की है...ये कहानी अगर देश के हर इंसान को पढ़ा दी जाए, हर टीचर को…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, फ़रवरी 06, 2010