Rakesh Kumar
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अनस को पढ़िए, लत ना लगे तो कहिएगा...खुशदीप
लेखन की एक खास शैली है...बेबाकी से अपनी बात सच सरासर सच कहना...ठेठ और अक्खड़ स्टाइल में...ये लेखन सीधे दिल से निकला ह…
शनिवार, मार्च 15, 2014लेखन की एक खास शैली है...बेबाकी से अपनी बात सच सरासर सच कहना...ठेठ और अक्खड़ स्टाइल में...ये लेखन सीधे दिल से निकला ह…
आज दशहरा है...बुराई पर अच्छाई की जीत का दिन... लेकिन आज मैं गब्बर को याद कर रहा हूं...एक खलनायक को... लगता है इस …
विगत 4 फरवरी को समीर लाल जी के कनाडा लौटने से पहले दिल्ली में उनसे मिलने के लिए कनॉट प्लेस में कई ब्लॉगर जुटे थे...लेकि…