Sameer Lal
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मेरे जीवन के दो सबसे अनमोल घंटे...खुशदीप
हमने देखी है, उन आंखों की महकती खुशबू, हाथ से छूके इसे, रिश्तों का इल्जाम ना दो, सिर्फ एहसास है ये, रूह से इसे मह…
रविवार, दिसंबर 12, 2010हमने देखी है, उन आंखों की महकती खुशबू, हाथ से छूके इसे, रिश्तों का इल्जाम ना दो, सिर्फ एहसास है ये, रूह से इसे मह…
खुशदीप सहगल यानि मैं...इनसान हूं...सुख में खुश और दुख में दुखी भी होता हूं...शांत रहने की कोशिश करता हूं लेकिन कभी-कभा…