शिल्पी मारवाह
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इस मुल्क की तो ले ली भईया...खुशदीप
जिसे देखो आता जाए, खाता जाए, पीता जाए, क्या कहूं अपना हाल, ए दिल-ए-बेकरार, सोचा है के तुमने क्या कभी, सोचा है कभी…
सोमवार, अगस्त 08, 2011जिसे देखो आता जाए, खाता जाए, पीता जाए, क्या कहूं अपना हाल, ए दिल-ए-बेकरार, सोचा है के तुमने क्या कभी, सोचा है कभी…
वक्त आने पे बता देंगे तुझे ऐ आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है.... सरफ़रोशी की तमन्ना वाली भगत सिं…