सीमा
Read more »
फ़र्क सिर्फ़ इतना सा था...खुशदीप
ये नज़्म है, ग़ज़ल है...क्या है मैं नहीं जानता...किसने लिखी है, उसे भी मैं नहीं जानता...ई-मेल पर भेजने वाले ने शायर का …
शनिवार, मार्च 13, 2010ये नज़्म है, ग़ज़ल है...क्या है मैं नहीं जानता...किसने लिखी है, उसे भी मैं नहीं जानता...ई-मेल पर भेजने वाले ने शायर का …