unsung hero
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बेटी की नज़र में एक अनसंग हीरो...खुशदीप
आज एक पोस्ट को पढ़ने के बाद से विचलित हूं...क्या ऐसे इनसान भी इस दुनिया में हो सकते हैं...आज जब लोग स्वार्थ के लिए अपनो…
बुधवार, मई 11, 2011आज एक पोस्ट को पढ़ने के बाद से विचलित हूं...क्या ऐसे इनसान भी इस दुनिया में हो सकते हैं...आज जब लोग स्वार्थ के लिए अपनो…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, मई 11, 2011
मैं कौन हूं... मैं असीमा हूं... इस सवाल की तलाश में तो बड़े बड़े भटकते फिरते हैं...फिर चाहे वो बुल्लेशाह हों-बुल्ला …
Khushdeep Sehgal
शनिवार, अप्रैल 16, 2011