#MeToo: सिंगर मीशा शफ़ी को बड़ी राहत, अली ज़फ़र की मुश्किल बढ़ी




लाहौर हाईकोर्ट ने मीशा के ख़िलाफ़ सेशंस कोर्ट के फ़ैसले को रद्द किया, अब ज़फ़र और मीशा, दोनों की ओर से दायर मानहानि के मुकदमों की होगी सुनवाई, #MeToo मूवमेंट के दौरान मीशा ने ज़फ़र पर लगाए थे कई मौकों पर छेड़खानी के आरोप

 


नई दिल्ली (22 जनवरी)।

लाहौर हाईकोर्ट ने सिंगर मीशा शफ़ी की एक्टर अली ज़फ़र के खिलाफ़ सिविल रिवीज़न पेटीशन को मंजूरी दे दी है. साथ ही सेशंस कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें मीशा के अली ज़फ़र  के खिलाफ मानहानि के मुकदमे की सुनवाई को सस्पेंड कर दिया गया था.

 मीशा और ज़फ़र के बीच 2018 से ही कानूनी लड़ाई चली आ रही है. इससे पहले मीटू मूवमेंट के दौरान मीशा ने अली ज़फ़र के खिलाफ कई मौकों पर छेड़खानी के आरोप लगाए थे.

Meesha Shafi, Ali Zafar file

 बता दें कि ज़फ़र ने मीसा पर एक अरब रुपए की मानहानि का मुकदमा कर रखा है, इस पर मीशा ने भी ज़फ़र के खिलाफ़ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया, जिसकी सुनवाई भी समान सेशंस कोर्ट में होना तय हुआ. लेकिन सेशंस कोर्ट ने ज़फ़र की अपील के बाद मीशा के मुकदमे की सुनवाई को निलंबित कर दिया था.

मीशा की तरफ से पैरवी करते हुए वकील साकिब जिलानी ने दलीलें पेश कीं. अब लाहौर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सेशंस कोर्ट को मीशा और ज़फ़र की ओर से दायर दोनों मुकदमों की सुनवाई एकसाथ किए जाने की संभावना है.

 ज़फर का नाम भारत में जाना पहचाना है. 2010 में डॉर्क कॉमेडी फिल्म तेरे बिन लादेन में अली हसन के किरदार में दर्शकों को खूब गुदगुदाया था. बॉलिवुड की किसी फिल्म में ज़फ़र आखिरी बार 2016 में डियर ज़िंदगी में नज़र आए थे. आरोप लगाने वालीं 40 साल की मीशा शफ़ी भी जानी-मानी सिंगर-एक्ट्रेस-मॉडल हैं. कोक स्टूडियो के लिए आरिफ लोहार के साथ जुगनी गाने में मीशा शफी के परफॉरमेंस को खूब पसंद किया गया था.मीशा 2016 में कैनेडा की परमानेंट रेजीडेंट बन गई थीं और टोरोंटो में रहती हैं.

 मीशा शफी के मुताबिक उन्होंने आपसी सुलह से इस मामले को खत्म करने की कोशिश की, जब ये नहीं सुलझा तो उन्होंने इन कथित घटनाओं पर बोलने का फैसला किया. मीशा से जब पूछा गया कि वो किस तरह से सुलहनामा चाहती थीं तो मीशा ने कहा कि ज़फ़र  अपनी ओर से किए गए बर्ताव की बात कबूल करें और माफी मांगे. मीशा ने कहा कि ऐसा हुआ होता तो वो सेफ महसूस करते हुए अपने काम के लिए कमिट कर सकती थीं.

अली ज़फ़र  को भारतीय दर्शकों ने तेरे बिन लादेन और डियर जिंदगी के अलावा लव का द एंड, मेरे ब्रदर की दुल्हन, लंडन-पेरिस-न्यूयॉर्क, चश्मे बद्दूर, टोटल सियापा जैसी फिल्मों में भी देखा.

जहां तक मीशा शफी का सवाल है तो वो भाग मिलखा भाग में काम करने के अलावा मीरा नायर के इंटरनेशनल प्रोजेक्ट द रिलक्टंट फंडामेंडलिस्ट में नज़र आ चुकी हैं. मीशा ने पाकिस्तान में सुपरहिट फिल्म रही वॉर में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ की एजेंट लक्ष्मी का किरदार निभाया था.

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