दुनिया के दर्द की वजह और 'मक्खन द जीनियस'...खुशदीप

इस दुनिया को काफ़ी दर्द सहना पड़ता है...

इसलिए नहीं कि बुरे लोग हिंसा और उत्पात मचाते हैं...

बल्कि इसलिए कि अच्छे लोग मौन रहते हैं...

-नेपोलियन बोनापार्ट

नेपोलियन बोनापार्ट
1769-1821



स्लॉग ओवर

मक्खन ने धूम मचा दी वो भी मैथ्स के पेपर में...

मक्खन को प्रूव करने के लिए आया...   sin x = 6 n

मक्खन ने दोनों तरफ से 'n'  हटा दिया...

इसलिए six = 6

साथ ही प्रूव हो गया कि कभी मक्खनों के दिमाग़ से नहीं खेलना चाहिए..

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17 टिप्पणियाँ
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  1. इसलिए ही तो लोगों के मक्‍खन ही लगाते हैं जिससे कुछ तो उनका दिमाग भी चले। कुछ दिन मक्‍खन को हमारे पास ही भेज दो, हम भी गणित सीख लेंगे। क्‍या सारी आप ही सीखेंगे?

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  2. क्यूंकि अच्छे लोग चुप रहते हैं ....हम्म्म्म ...!!

    मक्खन का पता दीजिये ..थोड़ी बुद्धि उधार लेनी है ...

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  3. ठीक ही है समीकरण से दोनो पक्षो से समान चीज हटाने से समीकरनण के दोनों पक्ष संतुलित रहते हैं .... पर ये हटाने वाला तीसरा पक्ष कौन है ये भी तो देखना होगा.
    @दुनिया का दर्द

    चुप रहेंगे तो लोग कहेंगे.

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  4. नेपोलियन बोनापार्ट . हमें भी जरुरत है नेपोलियन की मगर जिसकी जिंदगी में वाटरलू न आए। सोई जनता के वोटो की वाटरलू से बचा रहे वो। मेरी जाति, मेरा धर्म, जैसी क्षुद्र मानसिकता वालो के वोट ही हमारे देश के नेपोलियन बौनापार्ट के जीवन का वाटरलू बने हुए हैं। कब जागंगे ये लोग। या 21वी शताब्दी में भी मक्खन ही देश को चलाएगा।

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  5. भाई आपके मख्खन तो गजब के निकले ....

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  6. नेपोलियन बोनापार्ट के विचार अच्‍छे लगे .. और आपके मक्‍खन के दिमाग का तो जबाब नहीं !!

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  7. अच्छे लोग चुप रहते हैं-अगर वो भी बोलने लगे तो दुनिया की हालत देखने लायक नहीं रह जायेगी!! बेहतरी इसी में है कि हल्का दर्द सह लिया जाये.

    बाकी मख्खन को तो गणित के लिए नोबल पुरुस्कार देने का मन है. हा हा!

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  8. नेपोलियन बोनापार्ट के विचार बढ़िया लगे और आपके मक्खन का तो जवाब ही नहीं होता है

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  9. गणित के लिए नोबल पुरुस्कार नही उडन तश्तरी पुरुस्कार

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  10. वाह वाह ................जोर से बोलो ...................जय मक्खन की !

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  11. यह मक्खन कही आप ही तो नहीं .....??

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  12. नेपोलिअन का मूल्यांकन इतने तरीको से हुआ है जिसकी मिसाल नही ..फिर भी उसे समझा ही नही गया ।

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