मौन...खुशदीप
क्या आप आंख से टपके इस कतरे की ज़ुबान समझते हैं... आप के प्यार ने मुझे हमेशा के लिए खरीद लिया है...
शनिवार, फ़रवरी 13, 2010क्या आप आंख से टपके इस कतरे की ज़ुबान समझते हैं... आप के प्यार ने मुझे हमेशा के लिए खरीद लिया है...
Khushdeep Sehgal
शनिवार, फ़रवरी 13, 2010
काम से आकर बैठा हूं...लैपटॉप खोला...आदत के मुताबिक सबसे पहले अपनी पोस्ट पर टिप्पणियों पर नज़र डाली...एक टिप्पणी भाई ज़ाक…
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, फ़रवरी 12, 2010
चलिए सरकार की दुकान... क्या खरीदना है... पेट के लिए रोटी, हाथ के लिए रोज़गार, सिर के लिए छत... सरकार की दुकान से …
Khushdeep Sehgal
गुरुवार, फ़रवरी 11, 2010
एक दिन मैंने आपको शेर सिंह ( ललित शर्मा ) जी के डैन में घुसकर वहां का आंखों देखा हाल सुनाया था...अपने इन शेर सिंह जी की…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, फ़रवरी 10, 2010
आदमी सोचता क्या है...लेकिन होता वही है जो मंज़ूर-ए-खुदा होता है...मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ...कल दिल्ली में ब्लॉगर-ए-बहारा…
Khushdeep Sehgal
सोमवार, फ़रवरी 08, 2010
ये कहानी इंटरनेट से ही अंग्रेज़ी में मुझे किसी ने ई-मेल की है...ये कहानी अगर देश के हर इंसान को पढ़ा दी जाए, हर टीचर को…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, फ़रवरी 06, 2010
हम अपने-अपने कामों में बड़े मसरूफ़ हैं...अपने बच्चों को ज़िंदगी में कोई मकाम बनाने के लिए हर तरह की मदद देना चाहते हैं.…
Khushdeep Sehgal
शनिवार, फ़रवरी 06, 2010
दिन है सुहाना आज पहली तारीख है, खुश है ज़माना आज पहली तारीख है, पहली तारीख है जी पहली तारीख है, बीवी बोली घर …
Khushdeep Sehgal
शुक्रवार, फ़रवरी 05, 2010
कल आतंक पर व्यंग्य पोस्ट किया था...लेकिन फिर एक सवाल भी जेहन में आया कि हिंदुस्तानी आला दर्ज़े के आतंकवादी क्यों नहीं ब…
Khushdeep Sehgal
गुरुवार, फ़रवरी 04, 2010
गब्बर... अरे ओ सांबा...ज़रा देख तो सरकार हमार लई कौन सा नया पोस्टरवा लगाए रे ब्लॉगगढ़वा में... सांभा ... कोई पोस्…
Khushdeep Sehgal
मंगलवार, फ़रवरी 02, 2010