papa
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मेरे सिर पर पापा की पगड़ी...खुशदीप
पिछले दस-ग्यारह दिन में जो देखा, जिया, महसूस किया, सहा, शब्दों में उतार पाना बड़ा मुश्किल है...लेकिन एक अल्पविराम के बा…
बुधवार, नवंबर 17, 2010पिछले दस-ग्यारह दिन में जो देखा, जिया, महसूस किया, सहा, शब्दों में उतार पाना बड़ा मुश्किल है...लेकिन एक अल्पविराम के बा…
Khushdeep Sehgal
बुधवार, नवंबर 17, 2010
राम जी वनवास के बाद दीवाली वाले दिन ही घर लौटे थे...लेकिन मेरे राम दीवाली वाले दिन ही हमें हमेशा के लिए छोड़ कर चले गए.…
Khushdeep Sehgal
रविवार, नवंबर 07, 2010